Inder Baisa Chirja Lyrics करणीइंद्रेश चिरजा लिरिक्स

पांता करण प्रतिपाऴ !!

श्रीअन्दाता इन्दरबाईसा रा मातुल बारैठ हिंगऴाजदान जी रो शकति भगति डिंगल पिंगल साहित रचियो थको, जिणमे गिरजा री चिरजा रो सुन्दर सृजण, प्रभाति सूं लेयने पोढण वेऴा, सिगाऊ सूं चाडाऊ भगवती रा नाना प्रकार रा बिरूध्द बरणन जागावत साहब रा रचिया थका है, उणां ने आज भी मातृशक्ति रे कंठा गावतां सुणिया जा सके है !! ऐहङो ही एक सुन्दर सरल सुगेय चिरजा पद !!

चिरजा राग मांड !!


अम्बाये मोरी पातां करण प्रतिपाऴ,
इंन्दर अवनी पर आया जी !! टेर !!


बाई आई भगवती, 

मेहाई ज्यूं ही मात !
सरणाई राखो सदा, 
अम्बा सिर धर हाथ !!1!!

आता दीस्या अम्बिका, 
सातादीप समेत !
पाता अनूभव पालणी, 
दाता दतवित देत !!2!!

सगत पधारी सुरग'से, 
करत कमठ पग कीच !
तगत खुङद गढ तप रह्या, 
बिकट कऴू रे बीच !!3!!

बण ठण बैठी बाघपे, 
तन मन से हुय त्यार !
अन धन देता आविया, 
अणगिण अति आहार !!4!!

दिल दराज कीजै दया, 
ई हिंगऴाज पै आज !
ईंद्रराज करजै अवश, 
कुम्भराव जिम काज !!5!!

हिंगऴाजदानजी जागावत बुढऴा चारण वास कृत !!

राजेंन्द्रसिंह कविया संतोषपुरा !!

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